अभिव्यक्तिः रुसेन कुमार । भारत के लिए पत्रकारों को नोबेल शांति पुरस्कार के मायने
रुसेन कुमार द्वारा वर्ष 2021 के नोबेल शांति पुरस्कार ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। वह इसलिए क्योंकि इस वर्ष नोबेल शांति पुरस्कार के लिए दो अगल-अगल देशों के पत्रकारों को संयुक्त रूप से चुना गया। बीते 8 अक्टूबर को नोबेल शांति पुरस्कार की विधिवत घोषणा नॉर्वेजियन नोबेल समिति द्वारा की गई। चयन समिति ने इन पत्रकारों द्वारा उनके अपने देशों में उनके द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए किए जा रहे सार्थक प्रयासों के महत्व को देखते हुए पुरस्कार के लिए चुना। ये पत्रकार हैं - फिलीपीन्स की मारिया रेस्सा और रूस के दमित्री मुरातोव। दो अलग-अलग देशों के पत्रकारों को एक ही विषय के लिए शांति पुरस्कार के लिए चुनना इस बात को प्रमाणित करता है कि पूरी दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक वैश्विक मसला बन गया है। पत्रकारों को पुरस्कार मिलने से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे महत्वपूर्ण विषय को वैश्विक स्वीकार्यता मिलेगी, इसमें कोई संदेह नहीं। जो लोग भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मानवीय प्रगति में कमतर आंकते हैं उनके लिए पत्रकारों को शांत...







