छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए भूपेश बघेल की सौगात 'राजीव गाँधी किसान न्याय योजना'
विपदा काल में थोड़ी मदद भी बड़ी मददगार साबित होती है। डूबते को कभी-कभी तिनका भी बड़ा सहारा देता है। कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न पीड़ादायक कामबंदी एवं तालाबंदी ने भूमि जीवी किसानों की सामाजिक एवं आर्थिक ढाँचे को तबाह कर दिया है। छत्तीसगढ़ के किसान विषम परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
आगामी महीनों में खेती-किसानी का काम शुरू हो जाएगा। ऐसे में किसानों को खेती के लिए जुताई, बुवाई, बीज, खाद का इंतजाम करना होगा। इसके लिए उन्हें हजारों रुपये की जरूरत पड़ेगी। काम धंधे के अवसर पूरी तरह बंद हैं। इस बिगड़े हालात में खेती के लिए रुपये-पैसे का इंतजाम कर पाना वास्तव में कठिनाई भरा होगा।
किसानों की पीड़ा का अनुभव करके छ्त्तीसगढ़ के कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न राजीव गांधी की पुण्य तिथि 21 मई के अवसर पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किस्त की राशि किसानों के खाते में जमा कराई है। किसानों को खरीफ फसल की तैयारियों के लिए 1500 करोड़ रुपये की सौगात दी गई है। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गौपालकों को 7.17 करोड़ रुपये भी जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह राशि योजना की पहली किस्त के रूप में किसानों को दी गई है। इस योजना के माध्यम से किसानों को 5597 करोड़ रुपये की सहायता चार किस्तों में दी जाएगी।
सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है, "मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गाँधी के शहादत दिवस के अवसर पर राज्य के 22 लाख किसानों को आगामी खरीफ फसल की तैयारियों के लिए इनपुट सब्सिडी के रूप में 1500 करोड़ रुपये उनके खातों में ऑनलाईन अंतरित की।"
इस दौरान गोधन न्याय योजना के अंतर्गत राज्य के 72 हजार ग्रामीणों, पशुपालकों को 15 मार्च से 15 मई के मध्य गौठानों में बेचे गए गोबर के बदले में 7.17 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। गोबर विक्रेताओं को गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब तक 95.31 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
गौठानों में निर्मित सुपर कम्पोस्ट खाद किसानों के विक्रय के लिए व्यवस्था बनाई गई है। इस व्यवस्था की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा की गई।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं गोधन न्याय योजना के तहत राशि अंतरण के इस कार्यक्रम के लिए प्रेषित अपने संदेश में सांसद श्रीमती सोनिया गाँधी ने मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आम जनता के साथ-साथ अन्नदाता किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
श्रीमती गाँधी ने राजीव गाँधी किसान न्याय योजना को किसानों के हित में एक प्रशंसनीय कदम बताया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय राजीव गाँधी सदैव किसानों, श्रमिकों, गरीबों और पिछड़ों को आर्थिक तौर पर मजबूत देखना चाहते थे। उनके पुण्य तिथि के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीणों और किसानों को मदद पहुँचाकर सच्ची श्रद्धाँजलि अर्पित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के किसानों को दी जा रही इनपुट सब्सिडी की वजह से राज्य में खेती-किसानी बेहतर हुई है। सरकार ने इस योजना का दायरा भी खरीफ सीजन 2021 से बढ़ाया है। इसमें धान के साथ-साथ अन्य खरीफ फसलों को शामिल किया गया है।
इस योजना के तहत भूमिहीन मजदूरों को प्रतिवर्ष निश्चित राशि दिए जाने के लिए वर्ष 2021-22 के बजट में शामिल किया गया है।
राज्य में कोविड संक्रमण की दूसरी लहर की रोकथाम, पीड़ितों के उपचार एवं जरूरतमंदों के मदद के लिए राज्य सरकार द्वारा कारगर उपाय किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो सालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। इस मौके पर टीकाकरण की स्थिति, समाज के अंत्योदय एवं गरीब परिवारों को दो महीने का निःशुल्क खाद्यान्न, महामारी के चलते बेसहारा हुए बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के निःशुल्क प्रबंध एवं छात्रवृत्ति के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई महतारी दुलार योजना का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के किसानों पर कृषि ऋण की माफी के साथ ही उन्हें बीते दो वर्षों में 11000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी गई है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार द्वारा जनहितैषी नीतियों को विषम परिस्थिति में भी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है। राज्य सरकार गरीबों, किसानों के साथ है। अधिकाधिक किसान लाभान्वति हों, यही योजना का लक्ष्य है।
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(रुसेन कुमार अग्रणी पत्रकार एवं लेखक हैं। उनके समसामयिक लेख, चिंतन, रचनाएँ आदि नियमित रूप से अखबारों में प्रकाशित होते रहती हैं। अखबारों, पत्र-पत्रिकाओं एवं वेब माध्यमों में प्रकाशन की अनुमति के लिए rusenk@indiacsr.in पर संदेश लिखिए।)
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